कुछ दिनों पहले EAST DELHI मैं एक इमारत गिर गयी ...काफी हल्ला हुआ कई लोग भी मर गए कुछ ज़ख़्मी भी हुए...शाम का
वक़्त था....चारों तरफ अफरा तफरी मची हुई थी....मैंने ऑफिस से वापस आकर जैसे ही न्यूज़ चैनल लगाये...सभी पर कोई न कोई न्यूज़ थी..सिर्फ एक चैनल इस न्यूज़ को कवर कर रहा था...
जिस इंसान को REPORTER ने अपनी बातों मैं लगा रखा था वो बेचारा बोलता जा रहा था......मैडम आपसे गुज़ारिश है मेरे INTERVIEW मैं वक़्त बर्बाद ना करें.....जल्दी से कुछ करवाएं यहाँ इस वक़्त लोगों की जिंदिगी बड़ी कीमती है.....पर रिपोर्टर ने कहाँ सुन न था?......एक ही बात को बार बार सुना रही थी ...हमने इस दुर्घटना को सबसे पहले कवर किया है.......खैर काफी देर के बाद सुनवाई हुई पर दिल मैं एक टीस सी उठी...क्या मीडिया भी आम आदमी की पहुँच से उपर चला गया?......शर्म करो हम किसपर भरोसा करें?...शायद अब वक़्त की दरकार यही है की खुदी को KER बुलंद ITNA...की खुदा भी तुझसे यही पूछे की बता तेरी RAZA क्या है........अगर आस पास के लोग उनकी मदद के लिए नहीं आते तोह शायद नुक्सान इतना होता जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती....
bilkul sahi kaha aapne
ReplyDeletemedia ke dil me dard nahi hota, media ka hriday sangahin ho chuka hai