बड़ी अजब सी..बड़ी गज़ब सी है ये ज़िन्दगी..
खुशियों की बरसात..और दुःख की आंधी मुट्ठी मैं रेत सी फिसलती ये ज़िन्दगी...
दुनिया कहे की सबको एक सा समझती है ये ज़िन्दगी..
पर मुझे क्यों लगता है..की हर घडी रूप बदलती है ये ज़िन्दगी...
रात को सो जाने पर..लगता नहीं की सुबह मिलेगी ये ज़िन्दगी..
सुबह उठने पर लगता नहीं की कब तक चलेगी ये ज़िन्दगी.....
कभी चाबी के खिलोने सी हंसती ये ज़िन्दगी.....
कभी मिटटी की गुडिया सी टूटती ये ज़िन्दगी...
अनगिनत रूप हैं इसके पर...फिर भी जी रहे हैं ये ज़िन्दगी..
आज है कल नहीं..बर्फ सी पिघलती ये ज़िन्दगी...
घर मैं खुशियों के दीप जलाती ये ज़िन्दगी..
ICU मैं आखिरी सांस लेती ये ज़िन्दगी.......
जी लो हर पल को.वरना पता नहीं कब धोखा दे दे ये ज़िन्दगी.........
Dost bahut accha likha hai apne....aisehi likhtay raho humesha may god bless u...
ReplyDeleteVivek Verma
Pune
nice lines.....life is realy too short..live as much u can live
ReplyDeletetooooooooo gud
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